Yogi in Action: यूपी के शिक्षकों पर योगी का एक्शन तेज, जानकारी न देने पर शिक्षकों समेत कइयों को भेजा जायेगा जेल

Yogi in Action: यूपी के शिक्षकों पर योगी का एक्शन तेज, जानकारी न देने पर शिक्षकों समेत कइयों को भेजा जायेगा जेल। उत्तर प्रदेश के सरकार के नए नियम निकाली है कहा के अनुसार- सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने चल अचल संपत्तियों का खुलासा करना होगा और सारे संपत्ति का विवरण देना होगा। यह नियम हर किसी पर लागू होगा फिर चाहे वह किसी भी विभाग के हो। शिक्षकों और नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए भी यह नियम मान्य होगा। सरकार ने यह भी कहा अगर निर्धारित समय से पहले वह अपने संपत्तियों का विवरण नहीं देते है तो उनको फिर कभी आगे पदोन्नति नही मिलेगी।

हर विभाग में होगा लागू

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अगर वह किसी भी विभाग से सरकारी कर्मचारी है तो उन्हे अपने संपत्ति को सार्वजनिक करना होगा और वह भी निर्धारित समय से पहले। यह नियम हर किसी सरकारी कमचारियों पर लागू होगा यानी कि उत्तर प्रदेश के शिक्षकों पर भी फिर चाहे वह शिक्षक हो या नॉन टीचिंग स्टाफ हो। शिक्षकों को भी अपने सारे चार अचल संपत्तियों का विवरण सरकार को देना होगा। ऐसा न करने पर वह आगे कभी पदोन्नति नही ले पाएंगे।

संपत्तियों का विवरण नहीं तो पदोन्नति नही

सरकार ने सभी विभागीय मुख्यालयों को चिट्ठी भेजी है और यह स्पष्ट किया है कि हर सरकारी कर्मचारी को अपने संपत्ति का विवरण देना होगा फिर चाहे वह उनका हो या उनके घर परिवार का। सरकार में चिट्ठी में यह भी स्पष्ट किया है की अगर वह ऐसा निर्धारित समय से पहले नही करते है तो फिर आगे कभी उनको पदोन्नति नही दिया जायेगा यानी कि कभी उनका प्रमोशन नहीं किया जायेगा।

निर्धारित समय सीमा

सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने चल अचल सारे संपत्तियों के बारे में सरकार के सामने स्पष्ट करना होगा जिसकी निर्धारित समय सीमा 31 दिसंबर रखी गई है। यानी कि 31 दिसंबर हर किसी के लिए अंतिम तिथि है अपने संपत्ति को दर्ज कराने के लिए। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 अगस्त को लिया था और अंतिम तिथि 31 दिसंबर बताया था। अपने संपत्ति को दर्ज कराने के लिए इतना समय सीमा उपयुक्त है जिसमे किसी को परेशानी भी नही होगी।

संपत्ति को सार्वजनिक करने पर मिलेगा फायदा

सरकार ने अपने चिट्ठी में यह भी स्पष्ट किया है कि अगर सरकारी कर्मचारी अपने संपत्ति को निर्धारित समय सीमा में सार्वजनिक कर देते है तो भविष्य में उनको पदोन्नति या प्रमोशन तो मिलेगा ही साथ ही कुछ अन्य फायदा भी दिया जायेगा। अन्य फायदा किस रूप में मिलेगा यह तो समय आने पर ही स्पष्ट होगा। तो जितने भी सरकारी कर्मचारी है फिर चाहे वह शिक्षक हो, नॉन टीचिंग स्टाफ हो या किसी भी सरकारी विभाग से बिलॉन्ग करते हो, उनसे मेरी गुजारिश है कि समय के अंदर ही अपने संपत्ति को सार्वजनिक कर प्रमोशन और अन्य फायदों का लाभ उठाएं।

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