51000 Super TET Vacancy

51000 Super TET Vacancy: यूपी में 51000 सुपर टेट शिक्षक भर्ती को लेकर महा धरना के बाद पक्ष में आया सरकार का निर्णय

51000 Super TET Vacancy: उत्तर प्रदेश में पिछले 5 वर्षों से कोई भी प्राथमिक स्तर पर शिक्षक भर्ती जारी नहीं हुई है।जिस वजह से प्रदेश के क़रीब 25 लाख युवा बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में प्राइमरी के लिए पिछली भर्ती 69000 पदों पर आयी थी। जिसके बाद 5 सालों का लंबा वक्त बीट चुका है किंतु सरकार की कोई योजना ऐसी नहीं आ रही है जिससे शिक्षक भर्ती की उम्मीद रखा जाये।

और तो और शिक्षक भर्ती के लिए उम्मीदवारों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। इसका कारण यही है क्योंकि भर्ती कोई आ नहीं रही और शिक्षण कोर्स जैसे DELED आदि पर कोई रोक नहीं लग रही है। इसका नुक़सान सिर्फ़ पुराने उम्मीदवारों को नहीं बल्कि नये तैयार हो रहे अभ्यर्थियों को भी होने वाला है। क्योंकि जितनी अधिक संख्या होगी उतना ही अधिक कॉम्पिटिशन होगा। जिसका सीधा असर सुपर टेट के कट ऑफ पर पड़ेगा।

सुपर टेट शिक्षक भर्ती के लिए महा धरना (51000 Super TET Vacancy)

आपको बता दें शिक्षक भर्ती का इंतज़ार करते करते थक चुके छात्रों ने फ़रवरी माह की शुरुआत से ही लखनऊ में धरना दे रहे हैं। इस धारणा के बाद ही बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यूपी में छात्र शिक्षक अनुपात सही चल रहा है इसलिए भर्ती नहीं आ रही है। जिसके बाद से उम्मीदवारों ने महा धरना का ऐलान किया है। किंतु सरकार की तरफ़ से कोई भी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है।

तो वहीं एक सूचना यह भी सुनने को मिली है कि सरकार धरना दे रहे अभ्यर्थियों के बारे में सोच रही है ताकि उम्मीदवारों की समस्या का समाधान किया जा सके। रिपोर्ट में यह भी जानकारी मिली कि सरकार अभ्यर्थियों के पक्ष में बड़ा ऐलान कर सकती है। इसके बाद कुछ लोग इसे आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए कह रहे हैं कि संभवतः सरकार चुनाव को ध्यान में रखते हुए भर्ती निकाल सकती है। हालाँकि अभी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

रोज़गार देने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार

आपको बता दें कि यूपी सरकार का कहना है कि वह रोज़गार देने के लिए प्रतिबद्ध है। और समय समय पर भर्तियाँ निकालती रहती हैं। किंतु शिक्षक भर्ती को लेकर 25 लाख उम्मीदवारों के लिए शासन स्तर से प्रतिबद्धता कब ज़ाहिर होगी यह तो समय ही बतायेगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आयोग के गठन के चलते देरी हो रही है। कुछ का यह भी कहना है कि 51000 से अधिक पदों पर भर्ती की सूचना मिल सकती है। किंतु जब तक आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं होती तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचना मुश्किल है

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