69000 Super TET Update

😭😭69000 Super TET Update: 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण धारियों को कोर्ट ने बताया अयोग्य, ऑफिस मेमोरेंडम के माध्यम से कराया गया था दाख़िला

69000 Super TET Update: 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण धारियों को कोर्ट ने बताया अयोग्य, ऑफिस मेमोरेंडम के माध्यम से कराया गया था दाख़िला। जैसा कि आपको पता है उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए जो अंतिम भर्ती आयी थी वह 69000 पदों पर ही आयी थी। यह भर्ती 2018 में जारी की गई थी जिसकी परीक्षा 2019 में संपन्न हुई थी आउट रिजल्ट 2020 में आया था।

iएस भारती को हुए इतना लंबा समय निकाल चुका है किंतु आये दिन इसमें कुछ न कुछ कमी निकाल ही जा रही है। अभी कुछ पहले लगभग 6000 अभ्यर्थियों का सिलेक्शन कुछ अंकों की वजह से रुका हुआ था। तो वहीं आज एक ताज़ा खबर निकल कर आयी है। जिसमें हाई कोर्ट ने आरक्षण धारियों को ही अयोग्य बता दिया है। क्या है पूरा मामला आगे इसी पोस्ट में जानेंगे।

69000 Super TET शिक्षक भर्ती में अयोग्य आरक्षण धारी

आपको बता दें लंबे समय से हाई कोर्ट में चल रहे EWS के मामले में कोर्ट ने बड़ा फ़ैसला सुनाया है। आपको बता दें कोर्ट में क़रीब दर्जनों अर्ज़ी दाखिल गई थी जिसमें EWS आरक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों द्वारा कहा गया था कि 69000 शिक्षक भर्ती में EWS को शामिल किया जाये। किंतु अब कोर्ट ने दाखिल ख़ारिज करते हुए फ़ैसला सुनाया है।

कोर्ट ने कहा EWS लागू होने से पहले ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी इसलिए 10% आरक्षण धारी इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं। इसके लिए प्रावधान है कि भर्ती आने से पहले ही अभ्यर्थियों को EWS लागू हो चुका हो किंतु ऐसा नहीं हुआ है। कोर्ट ने कहा कि इसे ऑफिस में मेमोरेंडम तरीक़े से लागू किया गया था जॉकी उचित नहीं है।

जनवरी 2019 में लागू हुआ आरक्षण (69000 Super TET Update)

आपको बता दें आर्थिक रूप से पिछले लोगों के लिए 10% का आरक्षण 12 जनवरी 2019 को प्रावधान किया गया था जिसे ऑफिस में मेमोरंडम जारी करके 18 फ़रवरी 2019 को यूपी सरकार द्वारा लागू किया गया था। किंतु आपको बता दें कि जो 69000 पदों पर शिक्षक भर्ती आयी थी उसकी प्रक्रिया 1 दिसंबर 2018 से ही शुरू हो गई थी। यही कारण है कि उच्च न्यायालय ने इसपर आने वाली याचिका दाख़िलों को ख़ारिज कर दिया है।

किंतु तमाम वकीलों द्वारा कहा गया कि यह आरक्षण नियम भर्ती में लागू होना चाहिए क्योंकि भर्ती पूरी होने से पहले आई इसके बारे में प्रावधान हो चुका था। इसके जवाब में कोर्ट ने बताया कि किसी ऑफिस मेमोरंडम के मुक़ाबले व्यवस्थित रोप से बने गया लीगल एक्ट का अधिक महत्त्व होता है। अतः 69000 शिक्षक भर्ती में EWS लागू करने के लिए सरकार बाध्य नहीं है।

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