69k Shikshak Bharti Ghotala

69k Shikshak Bharti Ghotala: यूपी शिक्षक भर्ती घोटाले पर 19000 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति व राज्यपाल से लगायी गुहार, प्रतिक्रिया पर देखें रिपोर्ट

69k Shikshak Bharti Ghotala: यूपी शिक्षक भर्ती घोटाले पर 19000 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति व राज्यपाल से लगायी गुहार, प्रतिक्रिया पर देखें रिपोर्ट। उत्तर प्रदेश में अंतिम बार आयी सुपर टेट शिक्षक भर्ती जिसमें 69000 खाली पदों पर प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। प्रदेश इसके बाद से आज तक कोई भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए वेकन्सी नहीं दी गयी है। जिससे लाखों अभ्यर्थी नौकरी के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं।

लगभग 5 साल पहले आयी इस 69000 शिक्षक भर्ती की परीक्षा तथा परिणाम सम्बंधित समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी थी। जिसके बाद से लगभग 19000 अभ्यर्थियों ने इस भर्ती में आरक्षण को लेकर घोटाले की आवाज़ उठायी थी। यह भर्ती कुछ समय के लिए कोर्ट में भी फंसी थी किन्तु कुछ समय बाद इसे संपन्न किया गया।

19000 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति से लगायी गुहार

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती जोकि 69000 पदों पर हुई थी। इस भर्ती में नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हुए करीब 3 साल बीत चुके हैं। ऐसे में 19000 अभ्यर्थी रोजाना अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण अभ्यर्थियों के साथ घोटाला किया गया है। और सभी आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थी न्याय आस में बैठे हैं लेकिन कोई सुनाई नहीं हो रही है।

ऐसे में अभ्यर्थियों द्वारा पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप व प्रदेश सरंक्षक भास्कर सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को लखनऊ में एक बैठक करते हुए आगे की प्लानिंग की गयी। इसी बैठक में बताया गया कि इस प्रकरण में राष्ट्रपति तथा राज्यपाल को ईमेल के माध्यम से जानकारी भेजी जा चुकी है। और सभी को अनुकूल न्याय मिलने की उम्मीद है।

20000 चयनित बीएड अभ्यर्थियों की माँगें जारी

जैसा कि आपको पता होगा कि 69000 शिक्षक भर्ती में करीब 20 हज़ार बीएड अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। लेकिन इस भर्ती में चयनित हुए बीएड अभ्यर्थियों के पास ब्रिज कोर्स प्रमाणपत्र नहीं था। प्राथमिक में शिक्षक बनने के लिए बीएड वालों के पास बीज कोर्स होना जरूरी है। किन्तु NCTE ने ब्रिज कोर्स बाद में करवाने का हवाला देकर बीएड की जोइनिंग करवा दी थी।

अब जब बीएड को सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक से बाहर कर दिया है तो इन चयनित अभ्यर्थियों को भी डर सता रहा है क्योंकि इनके पास ब्रिज कोर्स नहीं है। और ये अब NCTE से इसकी माँग कर रहे हैं। हालाँकि की कई बार यह बताया जा चुका है कि जबतक कोर्ट पूरी तरह से मामले पर फैसला नहीं देता तन तक ब्रिज कोर्स नहीं करवाया जा सकेगा।

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